Love Shayari – 300+ Love Shayari in Hindi for Boyfriend

Love Shayari – 300+ Love Shayari in Hindi for Boyfriend

March 17, 2019 1 By Rohit Kumar
Love Shayari Romantic Shayari, Love Shayari, Romantic Love Quotes shayari then you are at right place. Here I’m going to share

 

इश्क मैं जीना सिखा देते है 
वफ़ा  के नाम पर मरना सिखा देते है 
इश्क नहीं किया तो करके देखो जालिम 
हर दर्द का सहना सिखा  देता 


कभी गम तो कभी तन्हाई मार गई 
कभी याद  आ कर उनकी जुदाई मार गई 
बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने 
आखिर मैं उनकी बेवफाई मार गई 


टूटे हुये  दिल ने भी उनके लिए दुआ मांगी 
मेरी सासो ने हर पल उनकी ख़ुशी मांगी 
ना जाने कैसी दिल्लगी थी उस बेवफा से 
की मैंने आख़िरी ख्वाहिश मैं भी वफ़ा मांगी 



मोहब्बत के भी कुछ अंदाज होते है 
जगती आखो के भी कुछ ख्वाब होते है 
जरूरी नहीं है की गम मैं आंसू निकले 
मुस्कुराती आखो के भी शैलाब होते है 



मुझसे इश्क है बस तुमसे नाम बेवफा मत देना 
गैर जान कर मुझे इल्जाम  बेवजह मत देना 
जो दिया है तुमने वो दर्द हम सह लेंगे मगर 
किसी और को अपने प्यार की सजा मत देना 



दर्द है दिल मैं पर इसका एहसास नहीं होता 
रोता है दिल जब वो पास नहीं होते
बर्बाद हो गए हम उसके प्यार मैं 
और वो कहते है इस तरह प्यार नहीं होता 



तेरे प्यार का सिला हर  मैं देंगे 
खुदा भी मांगे ये दिल तो ताल देंगे 
तो इस दिल को भी सीने से निकाल देंगे 



 दिल मैं हर राज दबा कर रखते है 
होटो पर मुस्कराहट सजाकर रखते है 
ये दुनिया सिर्फ  साथ देती है
इसी लिए हम आसुओ को छुपा कर रखते है 



हसी ने लबो पर शिरकना छोड़ दिया है 
ख्वाबो ने लबो पर आना छोड़ दिया है 
नहीं आती अब तो हिचकियाँ भी 
शायद अपने ने भी यद् करना छोड़ दिया है 



उन्होंने  हमें आजमाके देख लिया
एक धोखा हमने भी खा कर देख लिया 
क्या हुआ हम हुए जो उदास 
उन्होंने तो अपना दिल बहला के देख लिया 



दिल से रोये मगर होटो से मुआकुरा बैठ
यूँ  ही हम किसी से वफ़ा निभा बैठे 
वो हमें एक लम्हा ना दे पाए अपने प्यार का 
और हम तो उनके लिए जिनगी लुटा बैठे 



दर्द ही सही मेरे इश्क का इनाम  आया 
खली ही सही होटो तक जाम  तो आया 
मैं हूँ बेवफा सबको बताया उसने 
यूँ  ही सही चलो उसके लबो पर मेरा नाम तो आया 



जिंदगी है नादान  इसलिए चुप हूँ 
दर्द ही दर्द है सुबह-शाम इसलिए चुप हूँ 
कह दु ज़माने से दास्ताँ अपनी 
उसमें आया तेरा नाम इसलिए चुप हूँ 


      अगर इश्क करो तो 
  आदाब- ए-वफ़ा भी सीखो 
  ये  चंद  दिन की बेकरारी 
     मोहब्बत नहीं होती  


जिंदगी मैं अभी उदास ना होना 
कभी किसी पात पर नीरस ना होना 
ये जिंदगी एक संघर्ष है चलती ही रहेगी 
कभी अपने जीने का अंदाज ना खोना 


कितने चेहरे हैं इस दुनिया मैं 
मगर हमको एक चेहरा नजर 
          आता है  
दुनिया को हम क्यों देखे 
उसकी याद मैं सारा वक्त गुजर 
          जाता है 



खामोशियो मैं भी धीमी सी आवाज है 
तन्हाइयो मैं भी एक गहरा राज है 
मिलते नहीं है सबको अच्छे दोस्त यहाँ 
आप  हो हमें खुद पर नाज़ है 



 अपने कदमो की काबिलयत पर 
          विश्वास  रखते है 
     वो ही अक्सर मंजिल पर    
               पहुँचते है


खुशियां बेवजा नहीं होती कुछ  
दर्द आवाज छीन  लिया करते है 
मैं इस काबिल तो नहीं कोई अपना समझे 
पर इतना यकीन है कोई अफ़सोस जरूर 
करेगा मुझे खो देने के बाद